ब्लॉग्गिंग कम्युनिटी में मेरी कोई खास हस्ती नहीं है, लेकिन हाँ कुछ सालो से ब्लॉग्गिंग कर रहा हूँ, कुछ कुछ थोरा ही सही लेकिन जानता हूँ ब्लॉग्गिंग के बारे में... वैसे अगर आप मुझसे उम्मीद रखते हैं की मैं ये बताऊंगा की ब्लॉग्गिंग कैसे करना है ! तो ना जी !!! वो तो आप हमसे बेहतर जानते हैं.... लेकिन जब बात आती है ब्लॉग्गिंग को सोसाइटी से रिलेट करने की तो इस मामले काफी कुछ झेला है तो उसी की कुछ बातें आज आपसे शेयर करूँगा....
24 सितम्बर 2016 वह दिन जिस दिन मैंने ब्लॉग्गिंग के बारे में पहली दफा सुना था. मुझे आज भी वो दिन याद है जिस दिन मैं रोहित भाई की वेबसाइट पे गया था दरअसल मैं उनकी साईट पर फेसबुक पासवर्ड से रिलेटेड किसी पोस्ट पे सर्च करके गया था.... और हाँ उससे पहले मैंने वैसे गूगल में कुछ सर्च किया था की वेबसाइट आखिर बनती कैसे है लेकिन कुछ खाश समझ में नहीं आया था... जिस दिन मैं उनकी वेबसाइट पे गया था उस समय मेरे पास Samsung का फीचर फ़ोन था.... वह पे मैंने नीचे में एक पोस्ट देखा जिस पर लिखा था की अपना वेबसाइट फ्री में कैसे बनाये..... मैंने उस पर क्लिक करके आगे पढ़ी.... कुछ दिन ब्लॉगर पर काम किया उसके बाद वर्डप्रेस पर शिफ्ट हुआ... उस समय रोहित भाई की साईट ज्यादा पुराणी नहीं हुई थी....और समय इतने सरे हिंदी ब्लोग्स भी नहीं थे .... उस समय हिंगलिश ब्लोग्स की संख्या बहुत कम थी... और उसके बाद तो आगे बढ़ता ही गया ब्लॉग्गिंग में...
लेकिन मैं उसी समय की बात बता रहा हूँ.... की मैंने जिस दिन ब्लागस्पाट पर अपनी पहली साईट बनायीं उसके अगले दिन मैंने अपने सारे दोस्तों को बताया की मैंने एक वेबसाइट बनायीं है.... सभी की प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार थी की उन्होंने उस बात को सुना कुछ कुछ पूछा लेकिन उस प्रकार की प्रतिक्रिया किसी ने नहीं दी जैसा मैंने सोचा था... मुझे लगा था सब मुझे बहुत भाव देंगे ( उस समय थोरी अक्ल की कमी थी ) लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ ....लोगो को ऐसी प्रतिक्रिया से मैं थोरा मायूस सा हो गया.. आगे चलकर मैंने कई लोगो को बातों बातों में ही अपने साईट के बारे में बहुत कुछ बता दिया.... लोग मुझे बेवकूफ समझते थे....
कुछ समय बाद जब ब्लॉग्गिंग में आगे बढ़ा और परिपक्वता आई तो बात भेजे में घुसी --- इतनी बातें तो बस भूमिका बंधने के लिए था.... मैं जो कहना चाहता हूँ अब एक लाइन में बोलूँगा ---
" अपना इक्का तभी निकालो, क्या समझे ,,,, अपना इक्का तभी निकालो जब सामने बादशाह बैठा हो "
अगर आपको समझना होगा तो आप समझ गए होंगे की आखिर मैं क्या कहना चाहता हूँ
मेरा एक WhatsApp पर फैमिली ग्रुप है। मुझे याद है वो जिस दिन जिस दिन मैंने अपने ब्लॉग की लिंक ग्रुप में शेयर किया। शेयर करने के बाद मैंने सोचा अभी सब मुझसे पूछेंगे कि ये साईट तुमने कैसे बनाई। पर उधर से मेरे मामा के लड़के ने Good Night लिख कर भेज दिया। फिर एक एक करके सभी ने गुड नाईट लिख कर भेज कर सो गए। किसी ने कुछ नहीं पूछा। फिर जब मुझे गूगल एडसेंस का लेटर आया तो उसकी पिक मैंने फैमिली ग्रुप में शेयर किया। तब भी किसी ने कुछ नहीं पूछा। वहीं पिक मैंने जब Hindimehelp ग्रुप में शेयर की तो 50 लोगों ने Congratulations बोला।
पिछले साल से मुझे जब ऐडसेंस की पेमेंट मिला तो उसका Screen Shot मैंने ग्रुप में भेजा किसी ने कुछ नहीं कहा। अभी जब मैं जून में Google के seminar (Patna) में गया तो वहां की पिक्स मैंने जब फैमिली ग्रुप में शेयर की तब जा कर कुछ लोगों ने कहा Nice Pics ..
तो मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूं कि चुपचाप अपना काम करते रहो एक दिन आपकी कामयाबी जरूर शोर मचायेगी।