लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार अपना किला चाक-चौबंद करने में कोर्इ कसर नहीं छोड़ रही है. सबसे ज्यादा जोर मध्यम वर्ग को अपने पाले में करने की है. इसी संदर्भ में सरकार जो प्रयास कर सकती है करने में जुटी है. 1 फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग को आयकर में छूट देने के बाद केंद्र सरकार अब देश के 6 करोड़ र्इपीएफअो अकाउंट होल्डर्स को राहत देने के लिए अब ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकती है. करोड़ों नौकरी-पेशा लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
बढ़ सकती है EPFO
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2018-19 के लिए प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज दर में इजाफा कर सकता है. पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 के लिए र्इपीएफआे ने पीएफ पर 8.55 फीसदी ब्याज दर तय की थी. ख़बरों की मानें तो मौजूदा वित्त वर्ष के लिए प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज दर तय करने का प्रस्ताव 21 फरवरी को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक में हो सकता है. गौरतलब है कि CBT ईपीएएफओ के बारे में फैसला लेने वाली शीर्ष बॉडी है. सीबीटी ही पीएफ पर ब्याज दर की सिफारिश करती है और सामान्य तौर पर सीबीटी की सिफारिश को ही अंतिम रूप दिया जाता है.
CBT की बैठक 21 फरवरी को होने वाली है जिसमें फंड मैनेजरों की नियुक्ति पर भी मंथन किया जाएगा, इस बैठक में EPFO द्वारा शेयर बाजार में किए गए निवेश की समीक्षा भी की जा सकती है. र्इपीएफआे ने अगस्त 2016 में निवेश शुरू किया था. वर्तमान में ईपीएफओ निवेश योग्य कुछ फंड का 15 प्रतिशत शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर रहा है.
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